Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 3.49.9: उस समय राक्षसराज रावण ने अपना स्वाभाविक रूप धारण कर लिया और लाल वस्त्र धारण कर प्रिय स्त्री सीता को निहारने लगा।   |   ramayan सर्ग 3.49: रावण द्वारा सीता का अपहरण, सीता का विलाप और उनके द्वारा जटायु का दर्शन   ।   ramayan काण्ड 3: अरण्य काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 3: अरण्य काण्ड  »  सर्ग 49: रावण द्वारा सीता का अपहरण, सीता का विलाप और उनके द्वारा जटायु का दर्शन  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  3.49.9 
प्रतिपेदे स्वकं रूपं रावणो राक्षसाधिप:।
रक्ताम्बरधरस्तस्थौ स्त्रीरत्नं प्रेक्ष्य मैथिलीम्॥ ९॥
 
 
अनुवाद
उस समय राक्षसराज रावण ने अपना स्वाभाविक रूप धारण कर लिया और लाल वस्त्र धारण कर प्रिय स्त्री सीता को निहारने लगा।
 
At that time the demon king Ravana assumed his natural form and wearing red clothes stood gazing at the precious woman Sita.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)