श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 3: अरण्य काण्ड  »  सर्ग 48: रावण के द्वारा अपने पराक्रम का वर्णन और सीता द्वारा उसको कड़ी फटकार  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  3.48.13 
तत्र त्वं वस हे सीते राजपुत्रि मया सह।
न स्मरिष्यसि नारीणां मानुषीणां मनस्विनि॥ १३॥
 
 
अनुवाद
हे मनस्विनी! तुम मेरे साथ उस नगर में चलो और वहाँ रहो। हे मनस्विनी! वहाँ रहकर तुम मनुष्य स्त्रियों को भूल जाओगी।॥13॥
 
‘Princess Sita! Come with me to that city and live there. O Manaswini! By staying there you will forget human women.॥ 13॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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