श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 3: अरण्य काण्ड  »  सर्ग 48: रावण के द्वारा अपने पराक्रम का वर्णन और सीता द्वारा उसको कड़ी फटकार  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  3.48.11 
प्राकारेण परिक्षिप्ता पाण्डुरेण विराजिता।
हेमकक्ष्या पुरी रम्या वैदूर्यमयतोरणा॥ ११॥
 
 
अनुवाद
'उस नगरी के चारों ओर बनी हुई श्वेत चारदीवारी उसकी शोभा बढ़ाती है। लंकापुरी के महलों के गलियारे, फर्श आदि सोने के बने हैं और उसके बाहरी द्वार सोने से मढ़े हुए हैं। वह नगरी अत्यंत सुंदर है।'
 
‘The white boundary wall built around it enhances the beauty of that city. The corridors, floors etc. of the palaces of Lankapuri are made of gold and its outer doors are enamelled with gold. That city is very beautiful.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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