श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 3: अरण्य काण्ड  »  सर्ग 48: रावण के द्वारा अपने पराक्रम का वर्णन और सीता द्वारा उसको कड़ी फटकार  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  3.48.10 
मम पारे समुद्रस्य लङ्का नाम पुरी शुभा।
सम्पूर्णा राक्षसैर्घोरैर्यथेन्द्रस्यामरावती॥ १०॥
 
 
अनुवाद
‘समुद्र के उस पार मेरी लंका नाम की सुन्दर नगरी है, जो इन्द्र की अमरावती के समान सुन्दर है, किन्तु भयंकर राक्षसों से भरी हुई है।॥10॥
 
‘Across the ocean is my beautiful city called Lanka, which is as beautiful as Indra's Amaravati but is filled with fierce demons.॥ 10॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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