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ramayan 3.47.8-9h: कैकेयी ने हठपूर्वक कहा, "यदि आज श्री राम का अभिषेक हो गया, तो मैं न खाऊँगी, न पीऊँगी, न सोऊँगी। यही मेरे जीवन का अंत होगा।"   |   ramayan सर्ग 3.47: सीता का रावण को अपना और पति का परिचय देकर वन में आने का कारण बताना, रावण का उन्हें अपनी पटरानी बनाने की इच्छा प्रकट करना और सीता का उसे फटकारना   ।   ramayan काण्ड 3: अरण्य काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 3: अरण्य काण्ड  »  सर्ग 47: सीता का रावण को अपना और पति का परिचय देकर वन में आने का कारण बताना, रावण का उन्हें अपनी पटरानी बनाने की इच्छा प्रकट करना और सीता का उसे फटकारना  »  श्लोक 8-9h
 
 
श्लोक  3.47.8-9h 
नाद्य भोक्ष्ये न च स्वप्स्ये न पास्ये न कदाचन॥ ८॥
एष मे जीवितस्यान्तो रामो यदभिषिच्यते।
 
 
अनुवाद
कैकेयी ने हठपूर्वक कहा, "यदि आज श्री राम का अभिषेक हो गया, तो मैं न खाऊँगी, न पीऊँगी, न सोऊँगी। यही मेरे जीवन का अंत होगा।"
 
Kaikeyi stubbornly said, "If Shri Ram is anointed today, I will neither eat nor drink nor sleep. This will be the end of my life." 8 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)