श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 3: अरण्य काण्ड  »  सर्ग 41: मारीच का रावण को विनाश का भय दिखाकर पुनः समझाना  »  श्लोक 15
 
 
श्लोक  3.41.15 
अवश्यं विनशिष्यन्ति सर्वे रावण राक्षसा:।
येषां त्वं कर्कशो राजा दुर्बुद्धिरजितेन्द्रिय:॥ १५॥
 
 
अनुवाद
'रावण! तुम जिन क्रूर, मूर्ख और अज्ञानी राजा हो, उन सब राक्षसों का अवश्य ही नाश हो जाएगा॥15॥
 
'Ravana! All those demons, whose cruel, foolish and ignorant king you are, will definitely be destroyed. 15॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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