श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 3: अरण्य काण्ड  »  सर्ग 4: श्रीराम और लक्ष्मण के द्वारा विराध का वध  »  श्लोक 22
 
 
श्लोक  3.4.22 
अवटे चापि मां राम निक्षिप्य कुशली व्रज।
रक्षसां गतसत्त्वानामेष धर्म: सनातन:॥ २२॥
 
 
अनुवाद
‘श्रीराम! आप कृपा करके मेरे शरीर को गड्ढे में गाड़ दीजिए और सुरक्षित चले जाइए। मरे हुए राक्षसों के शरीर को गड्ढे में गाड़ना (कब्र खोदकर उसमें गाड़ देना) ही उनका सनातन (परम्परागत) धर्म है॥ 22॥
 
‘Shri Ram! Please bury my body in a pit and go safely. Burying the body of dead demons in a pit (digging a grave and burying them in it) is the eternal (traditional) religion for them.॥ 22॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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