Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 3.39.5: 'मेरा काम दण्डकारण्य में धार्मिक अनुष्ठानों में लगे हुए तपस्वियों को मारना, उनका रक्त पीना और उनका मांस खाना था ॥5॥   |   ramayan सर्ग 3.39: मारीच का रावण को समझाना   ।   ramayan काण्ड 3: अरण्य काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 3: अरण्य काण्ड  »  सर्ग 39: मारीच का रावण को समझाना  »  श्लोक 5
 
 
श्लोक  3.39.5 
निहत्य दण्डकारण्ये तापसान् धर्मचारिण:।
रुधिराणि पिबंस्तेषां तन्मांसानि च भक्षयन्॥ ५॥
 
 
अनुवाद
'मेरा काम दण्डकारण्य में धार्मिक अनुष्ठानों में लगे हुए तपस्वियों को मारना, उनका रक्त पीना और उनका मांस खाना था ॥5॥
 
'My job was to kill the ascetics engaged in religious rituals in Dandakaranya, drink their blood and eat their flesh. ॥ 5॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)