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ramayan 3.37.5: क्या जनकनन्दी सीता का जन्म तुम्हारे प्राणों का अन्त करने के लिए हुआ है? कहीं ऐसा न हो कि सीता के कारण तुम पर कोई बड़ा संकट आ पड़े?॥5॥   |   ramayan सर्ग 3.37: मारीच का रावण को श्रीरामचन्द्रजी के गुण और प्रभाव बताकर सीताहरण के उद्योग से रोकना   ।   ramayan काण्ड 3: अरण्य काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  3.37.5 
अपि ते जीवितान्ताय नोत्पन्ना जनकात्मजा।
अपि सीतानिमित्तं च न भवेद् व्यसनं महत्॥ ५॥
 
 
अनुवाद
क्या जनकनन्दी सीता का जन्म तुम्हारे प्राणों का अन्त करने के लिए हुआ है? कहीं ऐसा न हो कि सीता के कारण तुम पर कोई बड़ा संकट आ पड़े?॥5॥
 
‘Has Janakanandini Sita been born to end your life? May it not be that because of Sita some great trouble befalls you?॥ 5॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)