श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 3: अरण्य काण्ड  »  सर्ग 34: रावण के पूछने पर शर्पणखा का उससे राम, लक्ष्मण और सीता का परिचय देते हुए सीता को भार्या बनाने के लिये उसे प्रेरित करना  »  श्लोक 24
 
 
श्लोक  3.34.24 
रोचते यदि ते वाक्यं ममैतद् राक्षसेश्वर।
क्रियतां निर्विशङ्केन वचनं मम रावण॥ २४॥
 
 
अनुवाद
"हे राक्षसराज रावण! यदि मेरी बात तुम्हें अच्छी लगे तो निःसंदेह वैसा ही करो जैसा मैं कहता हूँ।" 24.
 
"O King of Demons Ravana! If you like what I say, then do as I say without any doubt." 24.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)