श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 3: अरण्य काण्ड  »  सर्ग 33: शूर्पणखा का रावण को फटकारना  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  3.33.8 
त्वं तु बालस्वभावश्च बुद्धिहीनश्च राक्षस।
ज्ञातव्यं तन्न जानीषे कथं राजा भविष्यसि॥ ८॥
 
 
अनुवाद
'राक्षस! तुम्हारा स्वभाव बालक के समान है। तुम बिल्कुल नासमझ हो। तुम्हें जानने योग्य बातें भी नहीं मालूम। ऐसी स्थिति में तुम राजा कैसे रह सकोगे?॥8॥
 
‘Demon! Your nature is like that of a child. You are absolutely mindless. You do not even know the things that need to be known. In such a condition, how will you be able to remain a king?॥ 8॥
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by acd