| श्रीमद् वाल्मीकि रामायण » काण्ड 3: अरण्य काण्ड » सर्ग 33: शूर्पणखा का रावण को फटकारना » श्लोक 4 |
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| | | | श्लोक 3.33.4  | स्वयं कार्याणि य: काले नानुतिष्ठति पार्थिव:।
स तु वै सह राज्येन तैश्च कार्यैर्विनश्यति॥ ४॥ | | | | | | अनुवाद | | जो राजा समय पर अपने कर्तव्यों का पालन नहीं करता, वह राज्य और उन कर्तव्यों सहित नष्ट हो जाता है॥4॥ | | | | 'A king who does not carry out his duties at the right time, gets destroyed along with his kingdom and those duties.॥ 4॥ | | ✨ ai-generated | | |
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