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श्लोक 3.29.24  |
चतुर्दश सहस्राणि राक्षसानां हतानि ते।
त्वद्विनाशात् करोम्यद्य तेषामश्रुप्रमार्जनम्॥ २४॥ |
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| अनुवाद |
| 'तुमने चौदह हजार राक्षसों को मार डाला है, अतः आज मैं तुम्हारा भी विनाश करके उनके आँसू पोंछ दूँगा - उनकी मृत्यु का बदला लूँगा।'॥24॥ |
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| 'You have killed fourteen thousand demons, so today by destroying you too I will wipe away their tears - I will avenge their deaths.'॥ 24॥ |
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