श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 3: अरण्य काण्ड  »  सर्ग 29: श्रीराम का खर को फटकारना तथा खर का भी उन्हें कठोर उत्तर देकर उनके ऊपर गदा का प्रहार करना और श्रीराम द्वारा उस गदा का खण्डन  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  3.29.14 
प्रहरस्व यथाकामं कुरु यत्नं कुलाधम।
अद्य ते पातयिष्यामि शिरस्तालफलं यथा॥ १४॥
 
 
अनुवाद
कुलाधम! तुम मुझ पर जितना चाहो आक्रमण करो। मुझे जितना परास्त करने का प्रयत्न कर सको, पर आज मैं तुम्हारा सिर ताड़ के फल के समान अवश्य काट डालूँगा।॥14॥
 
‘Kulaadham! Attack me as much as you want. Try to defeat me as much as you can, but today I will surely chop off your head like a fruit of a palm tree.’॥ 14॥
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by acd