Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 3.29.11: 'आज मेरे द्वारा छोड़े गए स्वर्ण बाण तुम्हारे शरीर को चीरकर पृथ्वी को छेद देंगे तथा पाताल लोक में उसी प्रकार गिरेंगे, जैसे साँप अपने घोंसले में छेद कर देता है।' | ramayan सर्ग 3.29: श्रीराम का खर को फटकारना तथा खर का भी उन्हें कठोर उत्तर देकर उनके ऊपर गदा का प्रहार करना और श्रीराम द्वारा उस गदा का खण्डन । ramayan काण्ड 3: अरण्य काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
'आज मेरे द्वारा छोड़े गए स्वर्ण बाण तुम्हारे शरीर को चीरकर पृथ्वी को छेद देंगे तथा पाताल लोक में उसी प्रकार गिरेंगे, जैसे साँप अपने घोंसले में छेद कर देता है।'
'The golden arrows shot by me today will tear apart your body, pierce the Earth and fall into the netherworld just like a snake pierces a hole in its nest.'
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥