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ramayan 3.25.7: तत्पश्चात् क्रोध में भरकर भयंकर धनुषधारी समस्त रात्रिचर योद्धा श्री रामजी पर नाना प्रकार के अस्त्र-शस्त्रों की वर्षा करने लगे॥7॥   |   ramayan सर्ग 3.25: राक्षसों का श्रीराम पर आक्रमण और श्रीरामचन्द्रजी के द्वारा राक्षसों का संहार   ।   ramayan काण्ड 3: अरण्य काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  3.25.7 
ततस्तं भीमधन्वानं क्रुद्धा: सर्वे निशाचरा:।
रामं नानाविधै: शस्त्रैरभ्यवर्षन्त दुर्जयम्॥ ७॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् क्रोध में भरकर भयंकर धनुषधारी समस्त रात्रिचर योद्धा श्री रामजी पर नाना प्रकार के अस्त्र-शस्त्रों की वर्षा करने लगे॥7॥
 
Thereafter, filled with anger, all the nocturnal warriors, armed with fierce bows, started showering various types of weapons on Shri Ram. 7॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)