एवमुक्त्वा पुन: प्रोचुरालोक्य च परस्परम्॥ २२॥
चतुर्दश सहस्राणि रक्षसां भीमकर्मणाम्।
एकश्च रामो धर्मात्मा कथं युद्धं भविष्यति॥ २३॥
अनुवाद
ऐसा कहकर वे पुनः एक-दूसरे की ओर देखकर कहने लगे - 'एक ओर तो भयंकर कर्म करने वाले चौदह हजार राक्षस हैं और दूसरी ओर अकेले धर्मात्मा श्री राम हैं; फिर यह युद्ध कैसे होगा?'॥22-23॥
Having said this, they again looked at each other and said, 'On one side there are fourteen thousand demons committing terrible deeds and on the other side there is the righteous Sri Ram alone; then how will this war take place?'॥ 22-23॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥