श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 3: अरण्य काण्ड  »  सर्ग 24: श्रीराम का तात्कालिक शकुनों द्वारा राक्षसों के विनाश और अपनी विजय की सम्भावना करके सीता सहित लक्ष्मण को पर्वत की गुफा में भेजना और युद्ध के लिये उद्यत होना  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  3.24.12 
तस्माद् गृहीत्वा वैदेहीं शरपाणिर्धनुर्धर:।
गुहामाश्रय शैलस्य दुर्गां पादपसंकुलाम्॥ १२॥
 
 
अनुवाद
अतः तुम अपना धनुष-बाण लेकर विदेहपुत्री सीता को साथ लेकर वृक्षों से आच्छादित पर्वत की उस गुफा में जाओ॥12॥
 
‘Therefore you should take up your bow and arrow and along with Sita, the daughter of Videha, go to that cave on the mountain which is covered with trees.॥ 12॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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