Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 3.17.8-9h: अत्यन्त सुन्दर, बलवान, राजसी लक्षणों से युक्त, नीलकमल के समान श्याम किरणों से सुशोभित, कामदेव के समान सुन्दर और इन्द्र के समान तेजस्वी श्री रामजी को देखते ही वह राक्षसी काम से मोहित हो गई॥8 1/2॥ | ramayan सर्ग 3.17: श्रीराम के आश्रम में शूर्पणखा का आना, उनका परिचय जानना और अपना परिचय देकर उनसे अपने को भार्या के रूप में ग्रहण करने के लिये अनुरोध करना । ramayan काण्ड 3: अरण्य काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अत्यन्त सुन्दर, बलवान, राजसी लक्षणों से युक्त, नीलकमल के समान श्याम किरणों से सुशोभित, कामदेव के समान सुन्दर और इन्द्र के समान तेजस्वी श्री रामजी को देखते ही वह राक्षसी काम से मोहित हो गई॥8 1/2॥
As soon as she saw Shri Ram, who was very handsome, very strong, full of royal features, adorned with dark rays like a blue lotus, beautiful like Kamadeva and as brilliant as Indra, she became fascinated with demonic lust. 8 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥