श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 3: अरण्य काण्ड  »  सर्ग 13: महर्षि अगस्त्य का सीता की प्रशंसा करना, श्रीराम के पूछने पर उन्हें पञ्चवटी में आश्रम बनाकर रहने का आदेश देना  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  3.13.8 
अलंकृतोऽयं देशश्च यत्र सौमित्रिणा सह।
वैदेह्या चानया राम वत्स्यसि त्वमरिंदम॥ ८॥
 
 
अनुवाद
'शत्रु-विनाशक श्री राम! आज से इस देश की शोभा बढ़ गई है, जहाँ आप सुमित्रापुत्र लक्ष्मण और विदेहपुत्री सीता के साथ निवास करेंगे।'
 
'Enemy-destroyer Shri Ram! From today the beauty of this country has increased, where you will reside along with Sumitra's son Lakshman and Videhan's daughter Sita.'
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)