Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 3.12.21-22: इतने में ही अगस्त्य मुनि भी अपने शिष्यों से घिरे हुए अग्निकक्ष से बाहर आ गए। वीर श्री राम ने तेजस्वी अगस्त्य जी को ऋषियों के आगे आते देखकर अपनी शोभा बढ़ाने वाले लक्ष्मण से इस प्रकार कहा -॥ 21-22॥ | ramayan सर्ग 3.12: श्रीराम आदि का अगस्त्य के आश्रम में प्रवेश, अतिथि-सत्कार तथा मुनि की ओर से उन्हें दिव्य अस्त्र-शस्त्रों की प्राप्ति । ramayan काण्ड 3: अरण्य काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इतने में ही अगस्त्य मुनि भी अपने शिष्यों से घिरे हुए अग्निकक्ष से बाहर आ गए। वीर श्री राम ने तेजस्वी अगस्त्य जी को ऋषियों के आगे आते देखकर अपनी शोभा बढ़ाने वाले लक्ष्मण से इस प्रकार कहा -॥ 21-22॥
Meanwhile, sage Agastya also came out of the fire room surrounded by his disciples. Brave Shri Ram saw the radiant Agastya ji coming ahead of the sages and said this to Lakshmana who was enhancing his glory -॥ 21-22॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥