Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 2.99.9: 'लगता है हम उस स्थान पर पहुँच गए हैं जहाँ महर्षि भारद्वाज ने बताया था। मुझे लगता है कि मंदाकिनी नदी यहाँ से अधिक दूर नहीं है।॥9॥   |   ramayan सर्ग 2.99: भरत का शत्रुघ्न आदि के साथ श्रीराम के आश्रम पर जाना, उनकी पर्णशाला देख रोते-रोते चरणों में गिरना, श्रीराम का उन सबको हृदय से लगाना   ।   ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 99: भरत का शत्रुघ्न आदि के साथ श्रीराम के आश्रम पर जाना, उनकी पर्णशाला देख रोते-रोते चरणों में गिरना, श्रीराम का उन सबको हृदय से लगाना  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  2.99.9 
मन्ये प्राप्ता: स्म तं देशं भरद्वाजो यमब्रवीत्।
नातिदूरे हि मन्येऽहं नदीं मन्दाकिनीमित:॥ ९॥
 
 
अनुवाद
'लगता है हम उस स्थान पर पहुँच गए हैं जहाँ महर्षि भारद्वाज ने बताया था। मुझे लगता है कि मंदाकिनी नदी यहाँ से अधिक दूर नहीं है।॥9॥
 
‘It seems that we have reached the place where Maharishi Bharadwaj had told us about. I think the Mandakini river is not very far from here.॥ 9॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)