Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 2.99.8: उस समय चलते समय परम तेजस्वी महाबाहु भरत अत्यंत प्रसन्न हुए और शत्रुघ्न तथा समस्त मंत्रियों से बोले-॥8॥   |   ramayan सर्ग 2.99: भरत का शत्रुघ्न आदि के साथ श्रीराम के आश्रम पर जाना, उनकी पर्णशाला देख रोते-रोते चरणों में गिरना, श्रीराम का उन सबको हृदय से लगाना   ।   ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 99: भरत का शत्रुघ्न आदि के साथ श्रीराम के आश्रम पर जाना, उनकी पर्णशाला देख रोते-रोते चरणों में गिरना, श्रीराम का उन सबको हृदय से लगाना  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  2.99.8 
गच्छन्नेव महाबाहुर्द्युतिमान् भरतस्तदा।
शत्रुघ्नं चाब्रवीद् हृष्टस्तानमात्यांश्च सर्वश:॥ ८॥
 
 
अनुवाद
उस समय चलते समय परम तेजस्वी महाबाहु भरत अत्यंत प्रसन्न हुए और शत्रुघ्न तथा समस्त मंत्रियों से बोले-॥8॥
 
At that time, while walking, the most radiant Mahabahu Bharata became very pleased and said to Shatrughna and all the ministers -॥ 8॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)