Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 2.99.6: उन्होंने आश्रम आते-जाते समय पेड़ों पर लगे श्री राम और लक्ष्मण द्वारा बनाए गए मार्ग-चिह्न भी देखे। ये चिह्न कुशा और कटे हुए तिनकों से बनाए गए थे और कुछ स्थानों पर पेड़ों की शाखाओं पर लटकाए गए थे। | ramayan सर्ग 2.99: भरत का शत्रुघ्न आदि के साथ श्रीराम के आश्रम पर जाना, उनकी पर्णशाला देख रोते-रोते चरणों में गिरना, श्रीराम का उन सबको हृदय से लगाना । ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
स लक्ष्मणस्य रामस्य ददर्शाश्रममीयुष:।
कृतं वृक्षेष्वभिज्ञानं कुशचीरै: क्वचित् क्वचित्॥ ६॥
अनुवाद
उन्होंने आश्रम आते-जाते समय पेड़ों पर लगे श्री राम और लक्ष्मण द्वारा बनाए गए मार्ग-चिह्न भी देखे। ये चिह्न कुशा और कटे हुए तिनकों से बनाए गए थे और कुछ स्थानों पर पेड़ों की शाखाओं पर लटकाए गए थे।
He also saw the waymarkers made by Shri Rama and Lakshmana while going to and coming from the Ashram, fixed on the trees. They were made from kusha grass and chopped straw and hung on the branches of the trees at some places.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥