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ramayan 2.99.23: वहाँ मॉनिटर छिपकली की खाल से बने कई सुनहरे दस्ताने भी लटके हुए थे। जिस प्रकार हिरण सिंह की गुफा पर आक्रमण नहीं कर सकता, उसी प्रकार वह झोपड़ी शत्रु समूहों के लिए दुर्गम और अजेय थी।   |   ramayan सर्ग 2.99: भरत का शत्रुघ्न आदि के साथ श्रीराम के आश्रम पर जाना, उनकी पर्णशाला देख रोते-रोते चरणों में गिरना, श्रीराम का उन सबको हृदय से लगाना   ।   ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 99: भरत का शत्रुघ्न आदि के साथ श्रीराम के आश्रम पर जाना, उनकी पर्णशाला देख रोते-रोते चरणों में गिरना, श्रीराम का उन सबको हृदय से लगाना  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  2.99.23 
गोधाङ्गुलित्रैरासक्तैश्चित्रकाञ्चनभूषितै:।
अरिसंघैरनाधृष्यां मृगै: सिंहगुहामिव॥ २३॥
 
 
अनुवाद
वहाँ मॉनिटर छिपकली की खाल से बने कई सुनहरे दस्ताने भी लटके हुए थे। जिस प्रकार हिरण सिंह की गुफा पर आक्रमण नहीं कर सकता, उसी प्रकार वह झोपड़ी शत्रु समूहों के लिए दुर्गम और अजेय थी।
 
There were also many golden gloves made of monitor lizard skin hanging there. Just as deer cannot attack a lion's cave, similarly that hut was inaccessible and invincible for the enemy groups.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)