Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 2.97.27-28: "लक्ष्मण! अब मेरी बात सुनो और वृक्ष से नीचे उतर आओ।" जब धर्मात्मा भगवान राम ने सुमित्रापुत्र लक्ष्मण से यह बात कही, तब युद्ध में विजयी हुए लक्ष्मण साल वृक्ष के ऊपर से नीचे उतर आए और हाथ जोड़कर भगवान राम के पास खड़े हो गए। | ramayan सर्ग 2.97: श्रीराम का लक्ष्मण के रोष को शान्त करके भरत के सद्भाव का वर्णन करना,लक्ष्मण का लज्जित होना और भरत की सेना का पर्वत के नीचे छावनी डालना । ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
"लक्ष्मण! अब मेरी बात सुनो और वृक्ष से नीचे उतर आओ।" जब धर्मात्मा भगवान राम ने सुमित्रापुत्र लक्ष्मण से यह बात कही, तब युद्ध में विजयी हुए लक्ष्मण साल वृक्ष के ऊपर से नीचे उतर आए और हाथ जोड़कर भगवान राम के पास खड़े हो गए।
"Laxmana! Now listen to me and come down from the tree." When the righteous Lord Rama said this to Sumitra's son Lakshmana, then Lakshmana, who was victorious in the war, came down from the top of the sal tree and stood near Lord Rama with folded hands.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥