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श्लोक 2.97.24  |
एतौ तौ सम्प्रकाशेते गोत्रवन्तौ मनोरमौ।
वायुवेगसमौ वीरौ जवनौ तुरगोत्तमौ॥ २४॥ |
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| अनुवाद |
| ये दोनों उत्तम घोड़ों के कुल में उत्पन्न होकर अपने उत्तम घोड़ों के साथ वायु के समान वेगवान, वीर और सुन्दर शोभायमान हो रहे हैं॥ 24॥ |
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| ‘Born in a family of good horses, these two are shining with their excellent horses, swift as the wind, valiant and beautiful.॥ 24॥ |
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