Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 2.91.59: अब हम न अयोध्या जाएँगे, न दण्डकारण्य जाएँगे। भरत सुरक्षित रहें (जिनके कारण हमें इस पृथ्वी पर स्वर्ग का सुख मिला) और श्री रामचन्द्रजी भी प्रसन्न रहें (जिनके दर्शन करके हमें यह दिव्य सुख मिला)॥59॥ | ramayan सर्ग 2.91: भरद्वाज मुनि के द्वारा सेना सहित भरत का दिव्य सत्कार । ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
नैवायोध्यां गमिष्यामो न गमिष्याम दण्डकान्।
कुशलं भरतस्यास्तु रामस्यास्तु तथा सुखम्॥ ५९॥
अनुवाद
अब हम न अयोध्या जाएँगे, न दण्डकारण्य जाएँगे। भरत सुरक्षित रहें (जिनके कारण हमें इस पृथ्वी पर स्वर्ग का सुख मिला) और श्री रामचन्द्रजी भी प्रसन्न रहें (जिनके दर्शन करके हमें यह दिव्य सुख मिला)॥59॥
‘Now we will not go to Ayodhya, nor will we go to Dandakaranya. May Bharat remain safe (because of whom we got the bliss of heaven on this earth) and may Shri Ramchandraji also remain happy (on coming to see whom we got this divine bliss)’॥ 59॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥