Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 2.91.58: समस्त मनोवांछित वस्तुओं से तृप्त होकर, लाल चंदन से लेप किए हुए सैनिक दिव्य अप्सराओं का संग पाकर निम्नलिखित बातें कहने लगे -॥58॥   |   ramayan सर्ग 2.91: भरद्वाज मुनि के द्वारा सेना सहित भरत का दिव्य सत्कार   ।   ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 91: भरद्वाज मुनि के द्वारा सेना सहित भरत का दिव्य सत्कार  »  श्लोक 58
 
 
श्लोक  2.91.58 
तर्पिता: सर्वकामैश्च रक्तचन्दनरूषिता:।
अप्सरोगणसंयुक्ता: सैन्या वाचमुदीरयन्॥ ५८॥
 
 
अनुवाद
समस्त मनोवांछित वस्तुओं से तृप्त होकर, लाल चंदन से लेप किए हुए सैनिक दिव्य अप्सराओं का संग पाकर निम्नलिखित बातें कहने लगे -॥58॥
 
Satisfied with all the desired objects, the soldiers, smeared with red sandalwood, on getting the company of the celestial nymphs, started saying the following things -॥ 58॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)