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ramayan 2.91.44-45h: इसी प्रकार कुबेर द्वारा भेजी हुई बीस हजार दिव्य स्त्रियाँ भी वहाँ उपस्थित थीं, जो स्वर्ण, रत्न, मोती और मूंगे के आभूषणों से सुसज्जित थीं। उनका स्पर्श पाकर पुरुष उन्मत्त हो जाते थे। ॥44 1/2॥   |   ramayan सर्ग 2.91: भरद्वाज मुनि के द्वारा सेना सहित भरत का दिव्य सत्कार   ।   ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 91: भरद्वाज मुनि के द्वारा सेना सहित भरत का दिव्य सत्कार  »  श्लोक 44-45h
 
 
श्लोक  2.91.44-45h 
सुवर्णमणिमुक्तेन प्रवालेन च शोभिता:।
आगुर्विंशतिसाहस्रा: कुबेरप्रहिता: स्त्रिय:॥ ४४॥
याभिर्गृहीत: पुरुष: सोन्माद इव लक्ष्यते।
 
 
अनुवाद
इसी प्रकार कुबेर द्वारा भेजी हुई बीस हजार दिव्य स्त्रियाँ भी वहाँ उपस्थित थीं, जो स्वर्ण, रत्न, मोती और मूंगे के आभूषणों से सुसज्जित थीं। उनका स्पर्श पाकर पुरुष उन्मत्त हो जाते थे। ॥44 1/2॥
 
Similarly, twenty thousand celestial women sent by Kubera, adorned with ornaments of gold, precious stones, pearls and corals, were also present there. On getting their touch the men appear to go mad. ॥ 44 1/2 ॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)