Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 2.91.40: तत्पश्चात् पुरोहित और मंत्री भी अपने-अपने आसन पर बैठ गए; फिर सेनापति और प्रशस्त (शिविर की रक्षा करने वाले) भी बैठ गए॥40॥ | ramayan सर्ग 2.91: भरद्वाज मुनि के द्वारा सेना सहित भरत का दिव्य सत्कार । ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
आनुपूर्व्यान्निषेदुश्च सर्वे मन्त्रिपुरोहिता:।
तत: सेनापति: पश्चात् प्रशास्ता च न्यषीदत॥ ४०॥
अनुवाद
तत्पश्चात् पुरोहित और मंत्री भी अपने-अपने आसन पर बैठ गए; फिर सेनापति और प्रशस्त (शिविर की रक्षा करने वाले) भी बैठ गए॥40॥
After that, the priest and the minister also sat on their respective seats; Then the commander and Prashasta (those guarding the camp) also sat down. 40॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥