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श्लोक 2.91.16  |
आह्वये देवगन्धर्वान् विश्वावसुहहाहुहून्।
तथैवाप्सरसो देवगन्धर्वैश्चापि सर्वश:॥ १६॥ |
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| अनुवाद |
| 'मैं विश्वावसु, हाहा और हूहू जैसे देव-गंधर्वों तथा समस्त अप्सराओं का आह्वान करता हूँ। |
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| ‘I invoke the Deva-Gandharvas like Visvavasu, Haha and Hoohoo along with all the Apsaras. |
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