श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 91: भरद्वाज मुनि के द्वारा सेना सहित भरत का दिव्य सत्कार  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  2.91.10 
आनीयतामित: सेनेत्याज्ञप्त: परमर्षिणा।
तथानुचक्रे भरत: सेनाया: समुपागमम्॥ १०॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् महर्षि ने आज्ञा दी कि, "सेना को यहाँ लाओ।" तब भरत ने सेना को वहाँ बुलाया॥10॥
 
Thereafter the great sage ordered, "Bring the army here." Then Bharata called the army there.॥ 10॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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