श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 90: भरत और भरद्वाज मुनि की भेंट एवं बातचीत तथा मुनि का अपने आश्रम पर ही ठहरने का आदेश देना  »  श्लोक 22
 
 
श्लोक  2.90.22 
जाने च रामं धर्मज्ञं ससीतं सहलक्ष्मणम्।
अयं वसति ते भ्राता चित्रकूटे महागिरौ॥ २२॥
 
 
अनुवाद
मैं सीता और लक्ष्मण सहित धर्मात्मा श्री राम का पता जानता हूँ। ये आपके भाई श्री रामचन्द्र हैं, जो चित्रकूट नामक महान पर्वत पर रहते हैं॥ 22॥
 
'I know the whereabouts of the virtuous Sri Rama along with Sita and Lakshmana. This is your brother Sri Ramachandra who lives on the great mountain of Chitrakoot.॥ 22॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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