श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 9: कुब्जा के कुचक्र से कैकेयी का कोप भवन में प्रवेश  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  2.9.23 
मा स्मैनं प्रत्युदीक्षेथा मा चैनमभिभाषथा:।
रुदन्ती पार्थिवं दृष्ट्वा जगत्यां शोकलालसा॥ २३॥
 
 
अनुवाद
‘जब राजा आए, तब उसकी ओर न देखना, न उससे बात करना। राजा को देखते ही रोना और शोक से भूमि पर लोटना आरम्भ कर देना॥ 23॥
 
‘When the king comes, do not look at him or talk to him. As soon as you see the king, start weeping and rolling on the ground in grief.॥ 23॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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