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ramayan 2.89.12: गुह स्वयं इन शुभ नौकाओं में से एक को लाए, जिस पर श्वेत कालीन बिछाए गए थे और स्वस्तिक नामक नौका पर शुभ ध्वनियां गायी जा रही थीं॥12॥   |   ramayan सर्ग 2.89: भरत का सेना सहित गङ्गापार करके भरद्वाज के आश्रम पर जाना   ।   ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 89: भरत का सेना सहित गङ्गापार करके भरद्वाज के आश्रम पर जाना  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  2.89.12 
तत: स्वस्तिकविज्ञेयां पाण्डुकम्बलसंवृताम्।
सनन्दिघोषां कल्याणीं गुहो नावमुपाहरत्॥ १२॥
 
 
अनुवाद
गुह स्वयं इन शुभ नौकाओं में से एक को लाए, जिस पर श्वेत कालीन बिछाए गए थे और स्वस्तिक नामक नौका पर शुभ ध्वनियां गायी जा रही थीं॥12॥
 
Guha himself brought one of these auspicious boats, on which white carpets were spread and auspicious sounds were being sung on the boat named Swastika.॥ 12॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)