Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 2.83.7: ब्राह्मणों और अन्य आर्यों (त्रैवर्णिकों) के समूह श्री राम के दर्शन करने के लिए हृदय में बड़े हर्ष के साथ लक्ष्मण के साथ यात्रा कर रहे थे, उनके विषय में विचित्र बातें कह और सुन रहे थे। | ramayan सर्ग 2.83: भरत की वनयात्रा और शृङ्गवेरपुर में रात्रिवास । ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
प्रयाताश्चार्यसंघाता रामं द्रष्टुं सलक्ष्मणम्।
तस्यैव च कथाश्चित्रा: कुर्वाणा हृष्टमानसा:॥ ७॥
अनुवाद
ब्राह्मणों और अन्य आर्यों (त्रैवर्णिकों) के समूह श्री राम के दर्शन करने के लिए हृदय में बड़े हर्ष के साथ लक्ष्मण के साथ यात्रा कर रहे थे, उनके विषय में विचित्र बातें कह और सुन रहे थे।
Groups of Brahmins and other Aryans (Traivarniks) were travelling with Lakshmana along with great joy in their hearts to have the darshan of Shri Ram, saying and hearing strange things about him.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥