श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 8: मन्थरा का पुनः राज्याभिषेक को कैकेयी के लिये अनिष्टकारी बताना, कुब्जा का पुनः श्रीराम राज्य को भरत के लिये भयजनक बताकर कैकेयी को भड़काना  »  श्लोक 6
 
 
श्लोक  2.8.6 
लक्ष्मणो हि महाबाहू रामं सर्वात्मना गत:।
शत्रुघ्नश्चापि भरतं काकुत्स्थं लक्ष्मणो यथा॥ ६॥
 
 
अनुवाद
महाबाहु लक्ष्मण पूरे मन से श्री रामचंद्रजी का अनुसरण करते हैं। जैसे लक्ष्मण श्री राम का अनुसरण करते हैं, वैसे ही शत्रुघ्न भी भरत का अनुसरण करते हैं। 6॥
 
'Mighty-armed Lakshman follows Shri Ramchandraji with all his heart. Just as Lakshman follows Shri Ram, Shatrughan also follows Bharat. 6॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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