Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 2.8.4: "मुझे तुम्हारी मूर्खता पर ज़्यादा दुःख हो रहा है। अरे! सौतेली माँ का बेटा तो दुश्मन होता है। सौतेली माँ के लिए तो वह मौत के समान होता है। भला कौन सी बुद्धिमान स्त्री उसके उत्थान का अवसर देखकर मन ही मन खुश होगी।" | ramayan सर्ग 2.8: मन्थरा का पुनः राज्याभिषेक को कैकेयी के लिये अनिष्टकारी बताना, कुब्जा का पुनः श्रीराम राज्य को भरत के लिये भयजनक बताकर कैकेयी को भड़काना । ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
शोचामि दुर्मतित्वं ते का हि प्राज्ञा प्रहर्षयेत्।
अरे: सपत्नीपुत्रस्य वृद्धिं मृत्योरिवागताम्॥ ४॥
अनुवाद
"मुझे तुम्हारी मूर्खता पर ज़्यादा दुःख हो रहा है। अरे! सौतेली माँ का बेटा तो दुश्मन होता है। सौतेली माँ के लिए तो वह मौत के समान होता है। भला कौन सी बुद्धिमान स्त्री उसके उत्थान का अवसर देखकर मन ही मन खुश होगी।"
‘I feel more sad because of your foolishness. Oh! The son of a step-wife is an enemy. He is like death for a step-mother. Well, which intelligent woman will be happy in her heart when she sees the opportunity of his rise.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥