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श्लोक 2.8.38  |
यदा च राम: पृथिवीमवाप्स्यते
प्रभूतरत्नाकरशैलसंयुताम्।
तदा गमिष्यस्यशुभं पराभवं
सहैव दीना भरतेन भामिनि॥ ३८॥ |
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| अनुवाद |
| भामिनी! जब श्री रामजी समुद्र और पर्वतों से युक्त सम्पूर्ण जगत् का राज्य प्राप्त कर लेंगे, तब तुम अपने पुत्र भरत सहित दरिद्र और दरिद्र हो जाओगी और दुर्भाग्य से पतन को प्राप्त हो जाओगी॥ 38॥ |
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| 'Bhamini! When Shri Ram acquires the kingdom of the whole world comprising of the various oceans and mountains, then you along with your son Bharat will become poor and destitute and will face an unfortunate downfall.॥ 38॥ |
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