श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 8: मन्थरा का पुनः राज्याभिषेक को कैकेयी के लिये अनिष्टकारी बताना, कुब्जा का पुनः श्रीराम राज्य को भरत के लिये भयजनक बताकर कैकेयी को भड़काना  »  श्लोक 34
 
 
श्लोक  2.8.34 
एवं ते ज्ञातिपक्षस्य श्रेयश्चैव भविष्यति।
यदि चेद् भरतो धर्मात् पित्र्यं राज्यमवाप्स्यति॥ ३४॥
 
 
अनुवाद
'यदि भरत धर्मानुसार अपने पिता का राज्य पुनः प्राप्त कर लें, तो आप और आपके पक्ष के अन्य सभी लोग समृद्ध होंगे।' 34
 
'If Bharata regains his father's kingdom in accordance with the Dharma, then you and all the others on your side will prosper.' 34
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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