श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 8: मन्थरा का पुनः राज्याभिषेक को कैकेयी के लिये अनिष्टकारी बताना, कुब्जा का पुनः श्रीराम राज्य को भरत के लिये भयजनक बताकर कैकेयी को भड़काना  »  श्लोक 22
 
 
श्लोक  2.8.22 
भविता राघवो राजा राघवस्य च य: सुत:।
राजवंशात्तु भरत: कैकेयि परिहास्यते॥ २२॥
 
 
अनुवाद
केकय राजकुमारी! जब श्री रामचन्द्र राजा बनेंगे, तब उनके बाद उत्पन्न होने वाले उनके पुत्र को राज्य मिलेगा। भरत राजपरम्परा से पृथक हो जाएगा॥22॥
 
‘Kekaya princess! When Shri Ramchandra becomes the king, then his son who will be born after him will get the kingdom. Bharat will be separated from the royal tradition.॥22॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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