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ramayan 2.8.16: 'श्री राम के राज्य प्राप्त करने के सौ वर्ष पश्चात् पुरुषों में श्रेष्ठ भरत भी अपने पूर्वजों का राज्य अवश्य प्राप्त करेंगे ॥16॥   |   ramayan सर्ग 2.8: मन्थरा का पुनः राज्याभिषेक को कैकेयी के लिये अनिष्टकारी बताना, कुब्जा का पुनः श्रीराम राज्य को भरत के लिये भयजनक बताकर कैकेयी को भड़काना   ।   ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 8: मन्थरा का पुनः राज्याभिषेक को कैकेयी के लिये अनिष्टकारी बताना, कुब्जा का पुनः श्रीराम राज्य को भरत के लिये भयजनक बताकर कैकेयी को भड़काना  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  2.8.16 
भरतश्चापि रामस्य ध्रुवं वर्षशतात् परम्।
पितृपैतामहं राज्यमवाप्स्यति नरर्षभ:॥ १६॥
 
 
अनुवाद
'श्री राम के राज्य प्राप्त करने के सौ वर्ष पश्चात् पुरुषों में श्रेष्ठ भरत भी अपने पूर्वजों का राज्य अवश्य प्राप्त करेंगे ॥16॥
 
'After a hundred years of Shri Ram attaining the kingdom, even the best of men, Bharat, will definitely get the kingdom of his forefathers. 16॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)