श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 79: भरत का अभिषेक-सामग्री की परिक्रमा करके श्रीराम को ही राज्य का अधिकारी बताकर उन्हें लौटा लाने के लिये चलने के निमित्त व्यवस्था करने की सबको आज्ञा देना  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  2.79.9 
युज्यतां महती सेना चतुरङ्गमहाबला।
आनयिष्याम्यहं ज्येष्ठं भ्रातरं राघवं वनात्॥ ९॥
 
 
अनुवाद
'तुम एक विशाल चतुरंगिणी सेना तैयार करो, जो सब प्रकार से बलवान हो। मैं अपने बड़े भाई श्री रामचंद्रजी को वन से वापस ले आऊँगा।'॥9॥
 
'You prepare a huge Chaturangini army, which is strong in every way. I will bring back my elder brother Shri Ramchandraji from the forest. 9॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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