श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 79: भरत का अभिषेक-सामग्री की परिक्रमा करके श्रीराम को ही राज्य का अधिकारी बताकर उन्हें लौटा लाने के लिये चलने के निमित्त व्यवस्था करने की सबको आज्ञा देना  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  2.79.8 
राम: पूर्वो हि नो भ्राता भविष्यति महीपति:।
अहं त्वरण्ये वत्स्यामि वर्षाणि नव पञ्च च॥ ८॥
 
 
अनुवाद
'श्री रामचन्द्रजी हमारे बड़े भाई हैं, अतः वे राजा होंगे। उनके स्थान पर मैं चौदह वर्ष तक वन में रहूँगा।'
 
'Sri Ramachandraji is our elder brother, hence he will be the king. In his stead I will live in the forest for fourteen years. 8.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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