Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 2.79.16: जब राजकुमार भरत ने उनके उत्तम आशीर्वाद सुने, तो उन्हें बहुत प्रसन्नता हुई। उन सबको देखकर भरत के नेत्रों से आनन्द के आँसू बहने लगे। | ramayan सर्ग 2.79: भरत का अभिषेक-सामग्री की परिक्रमा करके श्रीराम को ही राज्य का अधिकारी बताकर उन्हें लौटा लाने के लिये चलने के निमित्त व्यवस्था करने की सबको आज्ञा देना । ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जब राजकुमार भरत ने उनके उत्तम आशीर्वाद सुने, तो उन्हें बहुत प्रसन्नता हुई। उन सबको देखकर भरत के नेत्रों से आनन्द के आँसू बहने लगे।
When the prince Bharata heard the best of blessings spoken by them, he felt very happy. Looking at them all, tears of joy began to fall from the eyes that adorned Bharata's face.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥