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ramayan 2.79.15: हे भरत! ऐसे उत्तम वचन कहने वाले! कमलवन में निवास करने वाली देवी लक्ष्मी आपके साथ रहें, क्योंकि आप स्वयं इस पृथ्वी का राज्य राजा के ज्येष्ठ पुत्र श्री राम को लौटाना चाहते हैं।॥15॥   |   ramayan सर्ग 2.79: भरत का अभिषेक-सामग्री की परिक्रमा करके श्रीराम को ही राज्य का अधिकारी बताकर उन्हें लौटा लाने के लिये चलने के निमित्त व्यवस्था करने की सबको आज्ञा देना   ।   ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 79: भरत का अभिषेक-सामग्री की परिक्रमा करके श्रीराम को ही राज्य का अधिकारी बताकर उन्हें लौटा लाने के लिये चलने के निमित्त व्यवस्था करने की सबको आज्ञा देना  »  श्लोक 15
 
 
श्लोक  2.79.15 
एवं ते भाषमाणस्य पद्मा श्रीरुपतिष्ठताम्।
यस्त्वं ज्येष्ठे नृपसुते पृथिवीं दातुमिच्छसि॥ १५॥
 
 
अनुवाद
हे भरत! ऐसे उत्तम वचन कहने वाले! कमलवन में निवास करने वाली देवी लक्ष्मी आपके साथ रहें, क्योंकि आप स्वयं इस पृथ्वी का राज्य राजा के ज्येष्ठ पुत्र श्री राम को लौटाना चाहते हैं।॥15॥
 
'Bharata! O utterer of such noble words, may Goddess Lakshmi, who resides in the lotus grove, be with you, because you yourself wish to return the kingdom of this earth to Shri Ram, the eldest son of the king.'॥ 15॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)