श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 79: भरत का अभिषेक-सामग्री की परिक्रमा करके श्रीराम को ही राज्य का अधिकारी बताकर उन्हें लौटा लाने के लिये चलने के निमित्त व्यवस्था करने की सबको आज्ञा देना  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  2.79.14 
एवं सम्भाषमाणं तं रामहेतोर्नृपात्मजम्।
प्रत्युवाच जन: सर्व: श्रीमद् वाक्यमनुत्तमम्॥ १४॥
 
 
अनुवाद
श्री रामचन्द्रजी के लिए ऐसी बातें कहते हुए वहाँ आए हुए सब लोगों ने राजकुमार भरत से ये सुन्दर एवं अत्यन्त उत्तम वचन कहे-॥14॥
 
While saying such things for Shri Ramchandraji, all the people who had come there said these beautiful and extremely excellent words to Prince Bharat -॥ 14॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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