श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 76: राजा दशरथ का अन्त्येष्टि संस्कार  »  श्लोक 21
 
 
श्लोक  2.76.21 
क्रौञ्चीनामिव नारीणां निनादस्तत्र शुश्रुवे।
आर्तानां करुणं काले क्रोशन्तीनां सहस्रश:॥ २१॥
 
 
अनुवाद
उस समय हजारों शोकग्रस्त रानियों का क्रन्दन कुरियों की चीख के समान सुनाई दे रहा था ॥21॥
 
At that time the cries of thousands of grief-stricken queens were heard like the shrieks of kuris. ॥21॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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