श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 74: भरत का कैकेयी को कड़ी फटकार देना  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  2.74.7 
मातृरूपे ममामित्रे नृशंसे राज्यकामुके।
न तेऽहमभिभाष्योऽस्मि दुर्वृत्ते पतिघातिनि॥ ७॥
 
 
अनुवाद
हे दुष्ट और क्रूर स्त्री, जो राज्य के लोभ से क्रूर कर्म करती है! तू माता के रूप में मेरी शत्रु है। तुझे मुझसे बात नहीं करनी चाहिए॥ 7॥
 
‘You wicked and cruel woman who commits cruel acts out of greed for the kingdom! You are my enemy in the form of a mother. You should not talk to me.॥ 7॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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